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बजट आज: विकास, विनिर्माण व रोजगार को बढ़ावा देने पर रहेगा फोकस – वैश्विक चुनौतियों के बीच नई संभावनाओं का संकेत

February 1, 2026 | by arunkumarknj1976@gmail.com

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लेखक: संपादकीय टीम | दिनांक: 1 फरवरी, 2026 | श्रेणी: बिज़नेस/अर्थव्यवस्था

केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किया गया आज का आम बजट (Union Budget 2026) केवल आय और व्यय का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह ‘विकसित भारत @2047’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक दस्तावेज है। वैश्विक स्तर पर चल रही भू-राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक मंदी की आशंकाओं के बीच, भारत का यह बजट विकास (Growth), विनिर्माण (Manufacturing) और रोजगार (Employment) के त्रिकोण पर केंद्रित है।

आज के इस विशेष विश्लेषण में, हम समझेंगे कि यह बजट आम आदमी, निवेशकों और उद्योग जगत के लिए क्या मायने रखता है और यह पिछले बजटों से कैसे अलग है।

 

1. बजट का मूल मंत्र: स्थिरता और विकास (Stability and Growth)

इस वर्ष के बजट का मुख्य उद्देश्य भारत की जीडीपी वृद्धि दर (GDP Growth Rate) को 7% से ऊपर बनाए रखना है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह लोकलुभावन घोषणाओं (Populist Measures) के बजाय वित्तीय अनुशासन (Fiscal Discipline) और दीर्घकालिक विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।

राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) पर नियंत्रण

सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम करने का लक्ष्य रखा है। यह विदेशी निवेशकों (FIIs) के लिए एक सकारात्मक संकेत है। रेटिंग एजेंसियों की नजर भारत के वित्तीय अनुशासन पर टिकी थी, और बजट ने इस मोर्चे पर निराश नहीं किया है।

2. विनिर्माण क्षेत्र: ‘मेक इन इंडिया’ को नई धार (Boost to Manufacturing)

बजट का सबसे बड़ा फोकस विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) पर है। चीन के विकल्प के रूप में भारत को ‘ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने के लिए सरकार ने अपनी तिजोरी खोल दी है।

PLI स्कीम का विस्तार (Expansion of PLI Scheme)

उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI) को अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स तक सीमित न रखकर अन्य सेक्टरों में भी बढ़ाया जा रहा है:

  • खिलौना उद्योग (Toys): यह क्षेत्र लेबर-इंटेंसिव है, जिससे रोजगार के बड़े अवसर बनेंगे।
  • चमड़ा और जूता उद्योग (Leather & Footwear): निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य।
  • ग्रीन एनर्जी उपकरण: सोलर पैनल और ईवी (EV) बैटरी निर्माण पर विशेष सब्सिडी।

3. रोजगार सृजन: युवाओं के लिए नई उम्मीदें (Focus on Employment)

पिछले कुछ वर्षों में ‘जॉबलेस ग्रोथ’ की आलोचनाओं का जवाब देते हुए, इस बजट में रोजगार सृजन पर आक्रामक रुख अपनाया गया है। सरकार ने स्किल इंडिया (Skill India) मिशन को डिजिटल इंडिया के साथ जोड़ा है।

MSME सेक्टर को संजीवनी

भारत में सबसे ज्यादा रोजगार MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर देता है। बजट में MSME के लिए:

  1. क्रेडिट गारंटी स्कीम का विस्तार (Credit Guarantee Scheme)।
  2. तकनीकी अपग्रेडेशन के लिए ब्याज में छूट।
  3. अनुपालन (Compliance) के बोझ को कम करना।

4. इन्फ्रास्ट्रक्चर: विकास का हाईवे (Capex Push)

सरकार ने पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure – Capex) में भारी बढ़ोतरी जारी रखी है। यह अर्थशास्त्र का सीधा नियम है: जब सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर 1 रुपये खर्च करती है, तो वह अर्थव्यवस्था में 2.5 से 3 रुपये का प्रभाव (Multiplier Effect) पैदा करती है।

“आधुनिक रेलवे स्टेशन, नए एक्सप्रेसवे और पोर्ट कनेक्टिविटी लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेंगे, जिससे भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।”

5. मिडिल क्लास और टैक्स पेयर्स: क्या बदला? (Tax Expectations)

बजट वाले दिन सबसे ज्यादा निगाहें टैक्स स्लैब पर होती हैं। वित्त मंत्री ने नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) को और अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया है।

मुख्य बदलाव (Highlights):

  • स्टैंडर्ड डिडक्शन: वेतनभोगी वर्ग को राहत देने के लिए इसे बढ़ाया गया है।
  • टैक्स स्लैब संशोधन: 7 लाख रुपये से ऊपर की आय वालों के लिए टैक्स दरों को तर्कसंगत बनाया गया है, ताकि मध्यम वर्ग के पास खर्च करने के लिए अधिक पैसा (Disposable Income) बचे।

निष्कर्ष: भविष्य का रोडमैप

आज का बजट केवल एक साल का हिसाब नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों (अमृत काल) की नींव है। विनिर्माण, रोजगार और निवेश—इन तीन स्तंभों पर खड़ा यह बजट भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, महंगाई पर नियंत्रण और वैश्विक चुनौतियों से निपटना सरकार के लिए असली परीक्षा होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: इस बजट में आम आदमी के लिए सबसे बड़ी राहत क्या है?

उत्तर: इस बजट में मध्यम वर्ग के लिए टैक्स स्लैब में बदलाव और स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी सबसे बड़ी राहत है, जिससे लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए अधिक पैसा बचेगा।

प्रश्न 2: विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing) के लिए बजट में क्या खास है?

उत्तर: सरकार ने PLI स्कीम का दायरा बढ़ाया है और MSME सेक्टर को क्रेडिट गारंटी दी है, जिससे नई फैक्ट्रियां लगेंगी और रोजगार पैदा होंगे।

प्रश्न 3: क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर कोई असर पड़ेगा?

उत्तर: बजट में ग्रीन एनर्जी और ईवी (Electric Vehicles) पर जोर दिया गया है। पेट्रोल-डीजल पर सीधे तौर पर उत्पाद शुल्क में बदलाव वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करता है।

प्रश्न 4: बजट का शेयर बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर: पूंजीगत व्यय (Capex) और राजकोषीय अनुशासन को देखते हुए शेयर बाजार ने बजट का स्वागत किया है। बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस सेक्टर के शेयरों में तेजी देखी गई है।

अगर आप एक निवेशक हैं, तो आपको यह जानना जरुरी है कि किन सेक्टरों में पैसा लगाना फायदेमंद हो सकता है। पढ़ें हमारी विशेष रिपोर्ट: 2026 में निवेश के लिए टॉप 5 सेक्टर्स.

 

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